विचारणीय
ख़ुद की राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिये पूरे समाज को एक ही राजनीतिक पार्टी के मंच पर ले जाना उचित नही है सत्ता तो बदलती रहेगी कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस लेकिन पूरे समाज का नाम लेकर आप जब खुलकर सिर्फ एक पार्टी को समर्थन देना शुरू कर दोगे तो जब सत्तायें परिवर्तन होगी तब क्या समाज को इससे नुकसान नही होगा?
मेरा मानना है जिस प्रकार सरकार सब की होती है उसी प्रकार समाज भी सबका होना चाहिए किसी पार्टी विशेष का नही।
किसी भी समाज का कोई भी नेता हो किसी भी राजनीतिक दल में जाये अपना नाम ऊंचा करे आपका समाज आपके साथ खड़ा रहेगा लेकिन मेरा मानना है पूरे समाज को राजनीति को नही घसीटना चाहिये।
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