एक जमी-जमाई नौकरी आपको महीने की बंधी-बंधाई तनख्वाह, रहने के लिए छत और पेट भर खाना उपलब्ध तो करा सकती है परन्तु आत्मा की संतुष्टि शायद ही दे पाए। जीवन की समरस सी गति आपको सब कुछ दे सकती है परन्तु यह किसी के विवेक को चुनौती नहीं देती और आपको एक नीरस जीवन जीने के लिए छोड़ जाती है ।

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